रूठ कर जाऊ... कहा..

रूठ कर जाऊं कहा...
ख़ामोश जो रहो तुम तो रह पाऊं कहा..
चुपके से तुझे निहारे बिना भी सो पाऊं कहा...
तेरी उदासी में हॅस पाऊं कहा...
मानता हूँ.. जिद्दी हूँ...पागल हूँ... नौटंकी बाज भी शायद....
पर होने पे तेरे ये सब गलत मैं मानु कहा...
रूठ कर तुझसे जाऊं कहा...
तेरे जगाये बिना सुबह होती कहा..
बिन तेरे सुबह की चाय में वो बात कहा...
बिस्कुट में मिठास कहा..
बिना तेरे जज़्बात कहा....
रूठ कर तुझसे जाऊं कहा...
तू जब तक परेशान ना करें दिल को सुकू कहा..
तुझसे बात किये बिना चेन कहा..
तू न खाये तो..लगती है भूख कहा...
तुझे हॅसता न देखु तो दिल को मिलती सुकून कहा...
रूठ कर तुझसे जाऊं कहा.. 😊l
      -Enigma


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