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वो शब्द अब तक किसी ने गढ़ा नहीं है जिनसे तेरी तारीफ कर सकूँ.... एक अनोखा व्यक्तित्व जो हमेशा मेरे लबों पे आता रहेगा... दुआ करता हूँ, करता हूँ तुम्हारी जिंदगी में कोई दायरे न हो.. तुम जैसी हो...जिंदगी तुम्हें वैसे ही पंख दे जिससे जब तुम चाहो खुली हवाओं में उड़ सको...    🥳Happy Birthday senha🥳
यूँ ही नजरअंदाज करोगे  जान कर भी अनजान रहोगे ना सुबह ना मेरी शाम बनोगे तो कैसे चलेगा

रूठ कर जाऊ... कहा..

रूठ कर जाऊं कहा... ख़ामोश जो रहो तुम तो रह पाऊं कहा.. चुपके से तुझे निहारे बिना भी सो पाऊं कहा... तेरी उदासी में हॅस पाऊं कहा... मानता हूँ.. जिद्दी हूँ...पागल हूँ... नौटंकी बाज भी शायद.... पर होने पे तेरे ये सब गलत मैं मानु कहा... रूठ कर तुझसे जाऊं कहा... तेरे जगाये बिना सुबह होती कहा.. बिन तेरे सुबह की चाय में वो बात कहा... बिस्कुट में मिठास कहा.. बिना तेरे जज़्बात कहा.... रूठ कर तुझसे जाऊं कहा... तू जब तक परेशान ना करें दिल को सुकू कहा.. तुझसे बात किये बिना चेन कहा.. तू न खाये तो..लगती है भूख कहा... तुझे हॅसता न देखु तो दिल को मिलती सुकून कहा... रूठ कर तुझसे जाऊं कहा.. 😊l       -Enigma

कौन आँसू बहायेगा

अब रूठ जाऊं तो कौन मनाएगा क्या हुआ, यह कह कौन समझायेगा अब मेरी नादानियों को कौन नजरअंदाज करेगा मेरे लिए कौन आँसू बहायेगा.. I अब जो न खाऊं तो कौन खिलायेगा.. हर रोज पसंद की कौन बनाएगा.. बिना मांगे ही पानी कौन पिलायेगा मेरे लिए आँसू कौन बहायेगा.. I सर दर्द में.. अब कौन दबायेगा जब रोऊँ तो चुप कौन कराएगा अकेले होने पर मुझे बुलाएगा कौन   मेरे लिए आँसू कौन बहायेगा.... I सो जाऊं तो जगाएगा कौन.. बालों पर हाथ रख सहलाएगा कौन.. पानी के छिटो से जगाएगा कौन मेरे लिए आँसू बहायेगा कौन... I "You are the best" कह इतराएगा कौन मुझसे बात करने को बहाने बनाएगा कौन नींद में जाने से पहले जगाएगा कौन मेरे लिए आँसू बहायेगा कौन.. I मेरे पास बैठ अब मुस्कुरायेगा कौन ना हँसू तो पिट-पिट के हसाएगा कौनpq बदमाश कह मुझे बुलाएगा कौन मेरे लिए आँसू बहायेगा कौन.. I अब ना पढू तो पढायेगा कौन हर वक़्त मुझसे सवाल कर हसेगा कौन कोई औऱ आपकी बुराई करें तो गुस्सा आता.. ये कह हक़ जताएगा कौन अब आँसू बहायेगा कौन... I मेरे आँसू की भी कीमत है.. ये समझायेगा कौन..

देखो न, शिकायत है, अब तुझे भी शायद

देखो न, अब रूठ गये तुम भी शायद औझल होने लगे आँखो से तुम भी शायद  शिकायत है, अब तुझे भी शायद देखो न, बेपरवाह हसीं फिर रूठ गयी मुझसे शायद बैठ तुम सब के बीच जिंदगी कही और ढूंढ़ने लगा शायद तेरी हसीं देख भी  मायूस रहने लगा शायद शिकायत है,अब तुझे भी शायद देखो न, तुम सो गयी और मैंने जगाया भी न शायद तुम रूठ गयी मैंने मनाया भी न शायद तुम रो गयी मैंने चुप कराया भी न शायद शिकायत है, अब तुझे भी शायद देखो न, तुम हॅस रही और मैं शामिल भी न हूँ शायद तुम खेल रही मैं देख भी न रहा शायद तुम सोच रही पर मैं रूठ रहा शायद शिकायत है, अब तुझे भी शायद देखो न इस बार भी तुम रूठ गयी पर शिकायत भी न की शायद तुम छुप गयी पर ढूंढ़ने को भी न कहा शायद तुम अब हो पर मैं अनजान रह गया शायद शिकायत है, अब तुझे भी शायद देखो न हर पल मुझसे बात करने की वजह ढूंढा करती थी, अब आँखों से औझल होने पर रो रहा हूँ ये भी न पता तुझे शायद तुझसे कहनी थी जो बात आज फिर सब उकेरा हूँ पन्नों पे, तुझसे कहने की हिम्मत आज फिर खोया हूँ शायद शिकायत है, अब तुझे भी शायद देखो न तुम औरों से बात कर लेती हो, मैं बस तुझसे कर पाता हूँ शायद जानता हूँ गलत ह...

26 January

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25 january

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